सेनेगल जैसे देशों में आईएमएफ़ गलत तरीक़े से कर्ज़ देने और झूठे हिसाब-किताब में लिप्त रहा है, ताकि देश की आज़ादी कमजोर हो और बड़ी विदेशी कंपनियों को फ़ायदा मिले।
वैश्विक दक्षिण आईएमएफ के शिकंजे में फंसा है। इसमें सुधार की कोशिशों को वैश्विक उत्तर नाकाम कर रहा है, इसलिए ग़रीब मुल्क ब्रिक्स जैसे संस्थान बना रहे हैं।
कांगो में चल रहे मौजूदा टकराव को समझने के लिए पढ़ें यह न्यूज़लेटर, जिसमें पिछली सदी से अफ्रीका के इस भाग में जारीसंपदाओं की चोरी, और साम्राज्यवाद व उपनिवेशवाद की प्रक्रियाओं, तथा आज के इलेक्ट्रॉनिक…
दिसंबर 2023 में आई आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के बाद से, दुनिया भर के छात्रों के बीच पढ़ने और गणित में साक्षरता में गिरावट आई है। रिपोर्ट में यह…