पूर्वी एशिया एक गहरे विरोधाभास से गुज़र रहा है: यह क्षेत्र वैश्विक विकास का इंजन है, लेकिन यूएस साम्राज्यवाद इसे नए शीत युद्ध की रणभूमि बनाना चाहता है।
फ़िलिस्तीन से लेकर सूडान तक साम्राज्यवादी जंग बच्चों की जिंदगियाँ तबाह कर रही है। बचपन में लगे सदमे का शारीरिक-मानसिक प्रभाव लंबे समय तक उनपर बना रहेगा।